अदावत दिल में रखते हैं मगर यारी दिखाते हैं
न जाने लोग भी क्या क्या अदाकारी दिखाते हैं
यकीनन उनका जी भरने लगा है मेज़बानी से
वो कुछ दिन से हमें जाती हुई लारी दिखाते हैं
डराना चाहते हैं वो हमें भी धमकियाँ देकर
बड़े नादान हैं पानी को चिंगारी दिखाते हैं
~वीरेन्द्र खरे 'अकेला'.
~वीरेन्द्र खरे 'अकेला'.
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