Tuesday, April 30, 2013

बहुत रोओगे हमको याद करके
तुम्हें इतना बिगाड़े जा रहे हैं

खिज़ां की उम्र भी आने को है अब
चले आओ कि जाड़े जा रहे हैं
 
~मनीष शुक्ला

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